HUL का बिजनेस मॉडल क्या है | Hindustan Unilever Limited पैसा कैसे कमाती है?


आप अभी अपने घर के बाथरूम या किचन में जाइए। वहां आपको Lux, Lifebuoy, Surf Excel, Vim Bar, Ponds, Lakme या Kissan Jam में से कम से कम 3-4 चीजें जरूर मिल जाएंगी।

क्या आपने कभी सोचा है कि ये सारे अलग-अलग ब्रांड्स असल में एक ही कंपनी के हैं? उस 'महा-कंपनी' का नाम है-Hindustan Unilever Limited (HUL)। यह भारत की सबसे बड़ी FMCG (Fast Moving Consumer Goods) कंपनी है। यही वजह है कि कहा जाता है कि भारत के लगभग हर दस में से नौ घरों में HUL का कम से कम एक प्रोडक्ट जरूर मिलता है। यही डेली यूज प्रोडक्ट का बिजनेस Hindustan Unilever को भारत की सबसे बड़ी FMCG कंपनियों में शामिल करता है।


HUL का बिजनेस मॉडल क्या है?

HUL का बिजनेस मॉडल बहुत सरल है। रोजमर्रा की चीजें बनाओ, सस्ते में बेचो, लेकिन करोड़ों लोगों को बेचो। कंपनी रोज़मर्रा के इस्तेमाल के प्रोडक्ट बनाती है, उन्हें मजबूत ब्रांड्स  के रूप में स्थापित करती है और फिर उन्हें देश के लगभग हर छोटे बड़े शहर और गांव तक पहुँचाती है।

FMCG का मतलब होता है Fast Moving Consumer Goods। वो सामान जो बहुत तेजी से बिकता है और खत्म हो जाता है। आप एक बार कार खरीदते हैं तो 10 साल चलाते हैं, लेकिन साबुन हर महीने खरीदते हैं। HUL इसी 'बार-बार होने वाली खरीदारी' (Repeat Purchase) से पैसा छापती है। यही इस बिजनेस की सबसे बड़ी ताकत होती है। यह ऐसे प्रोडक्ट होते हैं जो जल्दी खत्म हो जाते हैं और जिन्हें बार बार खरीदना पड़ता है। जैसे साबुन, शैंपू, चाय, डिटर्जेंट या टूथपेस्ट।  जब एक परिवार किसी ब्रांड पर भरोसा कर लेता है तो वह बार बार वही प्रोडक्ट खरीदता है।

इनकी रणनीति (Strategy) को 'Premiumization' (प्रीमियम की ओर बढ़ना) कहते हैं। इसका मतलब है:

  • पहले एक गरीब आदमी को 'Wheel' (सस्ता सर्फ) की आदत डालो।
  • जब उसकी कमाई बढ़े, तो उसे 'Rin' पर लाओ।
  • और जब वह मिडिल क्लास बन जाए, तो उसे 'Surf Excel' या 'Liquid Detergent' (महंगा सामान) बेचना शुरू कर दो।

HUL का revenue कहाँ से आता है?

HUL का बिजनेस तीन बड़े हिस्सों (Categories) में बंटा हुआ है:

  1. ब्यूटी और पर्सनल केयर (Beauty & Personal Care - लगभग 38-40%): यह कंपनी का सबसे ज्यादा 'मुनाफे' वाला हिस्सा है। इसमें Lifebuoy, Lux, Pears, Dove, Ponds, Sunsilk, Glow & Lovely और Lakme जैसे ब्रांड आते हैं।
  2. होम केयर (Home Care - लगभग 30-32%): इसमें घर की साफ-सफाई का सामान आता है। जैसे— Surf Excel, Rin, Wheel, Vim Bar और Domex। फैक्ट: 'Surf Excel' भारत का पहला ऐसा FMCG ब्रांड है जिसने 1 बिलियन डॉलर (करीब 8,200 करोड़ रुपये) की सालाना बिक्री का आंकड़ा पार किया है।
  3. फूड्स और रिफ्रेशमेंट (Foods & Refreshment - लगभग 25-30%): जो चीजें हम खाते-पीते हैं। इसमें Brooke Bond (Red Label, Taj Mahal) चाय, BRU कॉफी, Horlicks, Kissan Ketchup, Knorr सूप और Kwality Wall's आइसक्रीम शामिल हैं।

इन सभी segments से मिलकर कंपनी की कुल कमाई बनती है और यही Diversified portfolio HUL को मजबूत बनाता है।


HUL का खर्च कहाँ होता है?

HUL के खर्चों में सबसे बड़ा हिस्सा Raw materials का होता है। साबुन, डिटर्जेंट और cosmetic products बनाने के लिए Palm oil, Chemicals और Packaging materials की जरूरत होती है। इनकी कीमत Global Commodity prices पर निर्भर करती है।

इसके अलावा कंपनी मार्केटिंग और विज्ञापन पर भी काफी खर्च करती है। हर साल HUL अपने brands को promote करने के लिए हजारों करोड़ रुपये advertising पर खर्च करती है। HUL भारत में टीवी और डिजिटल विज्ञापनों पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च करने वाली कंपनी है। 'दाग अच्छे हैं' (Surf Excel) जैसे कैम्पैन पर करोड़ों खर्च होते हैं। यह खर्च जरूरी भी है क्योंकि FMCG industry में Brand Awareness ही प्रोडक्ट की बिक्री  तय करती है।

इसके अलावा डिस्ट्रीब्यूशन और लॉजिस्टिक्स जिसमे कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक ट्रकों से माल पहुँचाना और गोदामों के रखरखाव पर भी भारी खर्च होता है।


HUL की असली ताकत क्या है ?(Moat)

HUL की सबसे बड़ी ताकत उसके ब्रांड्स हैं। Surf Excel, Dove, Lux और Lifebuoy जैसे ब्रांड्स भारत में दशकों से मौजूद हैं। इन ब्रांड्स पर लोगों का भरोसा इतना मजबूत हो चुका है कि ग्राहक अक्सर generic product नहीं बल्कि सीधे ब्रांड का नाम लेकर मांगता है। भारत के किसी भी सुदूर गाँव में चले जाइए, वहां शायद बिजली न हो, लेकिन 'Lifebuoy' साबुन जरूर मिल जाएगा। कोई भी नई कंपनी रातों-रात 90 लाख दुकानों तक नहीं पहुँच सकती। 

दूसरी बड़ी ताकत है कंपनी का distribution network। भारत में करीब 90 लाख से ज्यादा Retail outlets हैं और HUL के प्रोडक्ट इनमें से ज्यादातर दुकानों में उपलब्ध होते हैं। प्रोजेक्ट शक्ति इनका मास्टरस्ट्रोक है। HUL ने गांवों की लाखों महिलाओं को अपना 'शक्ति अम्मा' (डिस्ट्रीब्यूटर) बनाया है, जो घर-घर जाकर इनका सामान बेचती हैं।

तीसरी ताकत है Unilever का Global Support। HUL की पैरेंट कंपनी Unilever दुनिया भर में रिसर्च और प्रोडक्ट इनोवेशन पर भारी निवेश करती है। इसका फायदा HUL को भी मिलता है क्योंकि वह नए प्रोडक्ट और फ़ॉर्मूलेशन्स जल्दी लॉन्च कर पाती है।


HUL के सामने जोखिम


हालांकि HUL एक मजबूत कंपनी है लेकिन इसके सामने भी कुछ जोखिम मौजूद हैं। सबसे बड़ा रिस्क commodity prices का होता है। अगर Palm oil या Crude oil की कीमत अचानक बढ़ जाती है तो कंपनी की प्रोडक्शन कॉस्ट भी बढ़ जाती है।

दूसरा  रिस्क कॉम्पिटिशन से जुड़ा है। शहरों में नए जमाने के ग्राहक अब केमिकल वाले साबुन छोड़कर Mamaearth, Plum, या WOW Skin Science जैसे  ऑनलाइन (D2C) ब्रांड्स खरीद रहे हैं और कई सारी कम्पनिया Digital marketing के जरिए ग्राहकों तक पहुंच रही हैं और कुछ कैटेगरीज  में HUL को चुनौती दे रही हैं।

HUL की बहुत बड़ी कमाई गांवों (Rural India) से आती है। अगर किसी साल बारिश (Monsoon) अच्छी नहीं होती और किसानों की कमाई गिरती है, तो HUL की सेल्स तुरंत नीचे आ जाती है।

इसके अलावा Consumer preferences भी बदल रहे हैं। लोग अब Natural और Ayurvedic products की तरफ ज्यादा झुक रहे हैं, जिससे traditional FMCG brands को अपने प्रोडक्ट लगातार innovate करने पड़ते हैं।


HUL की industry में position

भारत के 10 में से 9 घरों में HUL का कम से कम एक प्रोडक्ट जरूर इस्तेमाल होता है। यह शेयर बाजार की 'डिफेंसिव' (सुरक्षित) कंपनियों में से एक है, जिसका मार्केट कैप 5 से 6 लाख करोड़ रुपये के आस-पास रहता है।
भारत का FMCG मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और HUL इस मार्केट का सबसे बड़ा खिलाड़ी माना जाता है।

Nestle, ITC, Dabur, Marico और Godrej Consumer जैसी कंपनियां भी इस इंडस्ट्री में मौजूद हैं, लेकिन Multi Category Presence और Distribution Strength के मामले में HUL अभी भी सबसे आगे है।

भारत की बढ़ती जनसंख्या, बढ़ती इनकम और शहरीकरण की वजह से FMCG products की डिमांड लगातार बढ़ रही है। यही ट्रेंड HUL के बिजनेस  को भी आगे बढ़ाता है। 

अब इनका अगला बड़ा लक्ष्य इंटरनेट और क्विक कॉमर्स (Zepto, Blinkit) के जरिए शहरी ग्राहकों को प्रीमियम सामान बेचना है।


मेरी राय में: 

जब तक भारत के लोग नहाना, कपड़े धोना और चाय पीना बंद नहीं करते (जो कभी नहीं होगा), तब तक HUL का 'कैश काउंटर' बजता रहेगा। कंपनी रोज़मर्रा के इस्तेमाल के प्रोडक्ट बनाती है, मजबूत ब्रांड्स तैयार करती है और उन्हें देश के हर कोने तक पहुंचाती है। इसी कॉम्बिनेशन की वजह से Hindustan Unilever भारत की Consumption story का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।


दोस्तों, आपके घर में इस समय HUL के कितने प्रोडक्ट मौजूद हैं? कमेंट्स में गिनकर बताइए! देखते हैं किसके घर में सबसे ज्यादा HUL का कब्जा है।

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उम्मीद करता हूँ आपको HINDUSTAN UNILEVER LTD के  बिज़नेस मॉडल एनालिसिस का ये आर्टिकल पसंद आया होगा, अगर आपको ऐसे simple business analysis पसंद हैं तो comment में बताइए अगला article किस company पर चाहिए।





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